दुनिया का सबसे जहरीला पेड़, दुनिया का सबसे खतरनाक पेड़, मौत का पेड़, मौत का सेब, मौत का छोटा सेब, जहरीला अमरूद, आगे पढ़े इससे जुडी जानकारी :

Duniya ka sabse jahrila ped

पेड़-पौधे हमारे लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इन्हीं पेड़-पौधो के कारण प्राणी जीवन संभव है. हमें पेड़-पौधों से हमे साफ हवा मिलती हैं, साँस लेने के लिए ऑक्सीजन भी पेड़-पौधो से ही प्राप्त होता है. इसलिए कहा जाता है कि पेड़-पौधे पृथ्वी पर ईश्वर का दूसरा रूप है.

वहीं, कुछ पेड़-पौधे इतने जहरीले होते हैं कि वो इंसान की जान भी ले सकते हैं, इंसान को मौत के घाट उतार सकते है. शायद आपको इस पर विश्वास नहीं हो रहा होगा लेकिन ये बिल्कुल सच है.

तो चलिए बिना समय गवाएं आगे बढ़ते है और दुनिया का सबसे जहरीला पेड़ कौन सा है, इसके बारे में जानते है. साथ ही यह पेड़ कहां मौजूद है और इस पेड़ को सबसे जहरीला पेड़ क्यों कहा जाता है, इसके बारे में भी जानते है.

 

ये है दुनिया का सबसे जहरीला पेड़

इस पृथ्वी पर जहरीले पेड़ तो बहुत से है, लेकिन एक ऐसा फलों वाला जहरीला पेड़ भी मौजुद है, जिसे दुनिया का सबसे जहरीला पेड़ माना जाता है. इस पेड़ को न केवल छूने से खतरा है, बल्कि इसके नीचे खड़े रहने पर भी इंसान को नुकसान पहुंच सकता है.

यहां पर हम “मैंशीनील पेड़” के बारे में बात कर रहे है. मैंशीनील को दुनिया का सबसे खतरनाक पेड़ कहा जाता है. यह एक फलदार वृक्ष है, जिसके फल दिखने में काफी हद तक सेब के समान होते हैं, इसलिए उन्हें “मौत के सेब” कहा जाता है.

यह पेड़ (Manchineel tree) अधिकांश मध्य अमेरिका, कैरिबियाई द्वीप, दक्षिण अमेरिका के उत्तरी भागों और दक्षिणी फ्लोरिडा समेत उत्तरी अमेरिका के उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाया जाता है.

यह पेड़ दुनिया भर के सबसे जहरीले पेड़ों की सूची में शामिल है. कहा जाता है कि इस पेड़ का हर हिस्सा जहरीला होता है, यहां तक कि इस पेड़ के नीचे खड़े रहने से भी इंसान की जान को खतरा हो सकता है.

अगर इस पेड़ का रस किसी के आंखों तक पहुंच जाए तो वह व्यक्ति अंधा हो सकता है, इसके पेड़ की लकड़ियों को जलाने पर निकलने वाला धुआं भी अगर किसी के आंखों तक पहुंच जाए तो उसके आंखों की रोशनी जा सकती है, और सांस लेने में भी समस्या हो सकती है.

बारिश में इस पेड़ के नीचे केवल खड़े रहने से ही स्किन को नुकसान पहुंच सकता है, इस पेड़ के संपर्क में आते ही इंसान के शरीर पर छाले पड़ जाते हैं. अगर इसका फल किसी ने खा लिया और उसका समय पर इलाज नहीं हुआ तो उसका मरना तय है.

इस पेड़ को “हिप्पोमाने मैनकीनीला” के नाम से भी जाना जाता है. इस पेड़ की ऊंचाई लगभग 50 फुट तक होती है. इस पेड़ की पत्तियां अंडाकार और चमकदार होती हैं. इसके हरे-भरे फल देखकर कोई भी धोखा खा जा सकता है.

स्पैनिश भाषा में इस पेड़ को arbol de la muerte कहा जाता है, जिसका मतलब मौत का पेड़ होता है. इसके फल कुछ हद तक सेब और पेरू के समान दिखते है और उन फलों से बहुत ही मीठी सुगंध आती है, जिससे कोई भी व्यक्ति उस फल की ओर आकर्षित हो सकता है और उसे खाने की कोशिश कर सकता है.

 

1999 की एक घटना के बाद इस पेड़ का रहस्य सामने आया

बात 1999 की है, निकोला एच स्ट्रिकलैंड नामक एक महिला वैज्ञानिक अपनी एक दोस्त के साथ कैरिबियाई द्वीप टबैगो घूमने गई थीं. तभी उनकी नजर एक हरे-भरे वृक्ष पर गई, जिसमे हरे फल लगे हुए थे, जो सेब और पेरू जैसे दिख रहे थे.

उस फल से बहुत अच्छी महक आ रही थी, उसने फल का स्वाद चखने का फैसला किया और फिर उसने एक फल तोड़कर उसका एक छोटा सा टुकड़ा खा लिया, जो बहुत ही कड़वा था. खाते ही उसकी हालत इतनी बिगड़ गई कि फल को निगला तक नहीं जा रहा था.

उसके गले में काफी जलन हो रही थी और शरीर में सूजन आ रही थी. उसके बाद उसका तुरंत इलाज किया गया, जिससे उसकी हालत में सुधार हुआ, लेकिन उसे ठीक होने में करीब 8 घंटे लग गए.

उसके बाद इस पेड़ पर शोध किया गया, तो पता चला कि यह दुनिया का सबसे जहरीला पेड़ है और इसके फल उससे अधिक जहरीले है. जिसके बाद इसे खाने से रोकने के लिए इस पेड़ के आसपास बोर्ड भी लगाए गए हैं और उस पर इस फल को नही खाने की चेतावनी लिखी गई.

तब से इस फल को मौत का सेब के अलावा जहरीला अमरूद भी कहा जाता है. यह भी कहा जाता है कि क्रिस्‍टोफर कोलंबस ने मैंशीनील के फलों को मौत का छोटा सेब नाम दिया था.

 

जहरीला होने के बाद भी वहां इसका इस्तेमाल खूब होता है

कहा जाता है कि यह पेड़ स्थानीय पारितंत्र में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, यह समुद्र के तटों पर मिट्टी के कटाव को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. साथ ही कैरिबियाई बढ़ई सदियों से इसका इस्तेमाल फर्नीचर बनाने के लिए करते आ रहे हैं.

हालाँकि, इसकी अत्यधिक देखभाल के साथ कटाई की जाती है, और पेड़ की लकड़ी को काटने के बाद उसके जहरीले रस को खत्म करने के लिए लंबे समय तक धूप में सुखाया जाता है.

तो दोस्तों अब आप जान ही गए होंगे कि दुनिया का सबसे जहरीला पेड़ कौन सा है और यह कहां पाया जाता है और इस पेड़ को सबसे जहरीला पेड़ क्यों कहा जाता है, इसके बारे में. वैसे तो इसके अलावा भी दुनिया में कई जहरीले पेड़ है, लेकिन मैंशीनील पेड़ उनकी तुलना में अधिक ही जहरीला है. यही वजह है कि गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दुनिया के सबसे जहरीले पेड़ के रूप में यह शामिल है.


 

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