TB ki bimari ka gharelu ilaj | टीबी रोग के लिए घरेलू उपचार

आज हम इस लेख में एक प्रभावशाली Health tips के बारे में जाननेवाले है। आज का टॉपिक है TB की बीमारी से कैसे छुटकारा पाए। TB ki bimari ka gharelu ilaj, upchaar, nuskha. TB यह एक जानलेवा बीमारी है। इस बीमारी का इलाज अगर जल्दी न हो तो मनुष्य की मृत्यु भी हो सकती है।

TB ki bimari ka gharelu ilaj
दुनियाभर में 24 मार्च को TB दिन मनाया जाता है। TB की बीमारी ने हमारे देश में ही नहीं पुरे विश्व में अपना ट्रैप बना रखा है। TB एक ऐसा रोग है जो यहां से वहां, इधर के उधर ऐसा फैलते रहता है। TB रोगी के खांसने पर, छींकने पर TB के जीवाणु हवा में फ़ैल जाते है, हवा में उसके जीवाणु कम से कम 5 घंटे तक और उससे भी ज्यादा जीवित रहते हैं। इन जीवाणु को स्वस्थ व्यक्ति स्वास लेते समय ग्रहण कर लेता है और स्वस्थ व्यक्ति TB की बीमारी का शिकार हो जाता है।
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TB को क्षय रोग तथा यक्ष्मा के नाम से भी जाना जाता है। TB संक्रामक बीमारी होती है और बहुत खतरनाक भी होती है। यह बीमारी अधिकतर फेफड़ो पर ही असर करती है। TB यानि Tuberculosis यह एक प्रकार का स्पर्श रोग ही है जो Mycobacterium tuberculosis बक्टेरिया के वजह से फैलता है। TB का रोग अधिक फैलने के और भी कारण है, जिनके बारे में हम आगे जानते है।

TB का रोग कैसे फैलता है : How TB disease spreads

➛ खांसने तथा छींकने से फैलता है

➛ झूठा खाना खाने से फैलता है

➛ TB के रोगी के कपडे, टॉवेल आदि इस्तेमाल करने से फैलता है

➛ रोगी के सहवास में रहने से, साथ घूमने-फिरने से फैलता है

➛ Infected injection इस्तेमाल करने से फैलता है

➛ कमजोर लोगों पर जल्द हावी होता है TB

➛ बीमार लोगों पर जल्द हावी होता है TB

TB की बीमारी के लक्षण : Symptoms of TB disease:

➛ खाँसी का तीन हफ़्तों से ज़्यादा रहना
➛ थूक का रंग बदल जाना
➛ थूक में रक्त की आभा नजर आना
➛ बुखार, थकान, किडनी और सीने में दर्द
➛ भूख कम लगना
➛ अत्यधिक मात्रा में ध्रूमपान से
➛ अधिक शराब का सेवन करने से
➛ साँस लेते वक्त या खाँसते वक्त दर्द का अनुभव होना आदि।

TB की बीमारी का घरेलू इलाज : Home remedies of TB disease

1. लहसुन (Garlic)

लहसुन में अधिक मात्रा में Sulphuric acid होता है जो TB के जीवाणु का सफाया करता है। लहसुन में एलिसिन और एजोइनी भी होते है जो TB के पनपने वाले कीटाणुओं का खात्मा करते है। इतना ही नहीं, लहसुन के जीवाणुनाशक गुण रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाते हैं।

लहसुन का उपयोग :
➲ आधा चम्मच लहसुन, दूध एक कप और चार कप पानी उबाल लें।
➲ इसे तब तक उबाले जब तक यह मिश्रण आधा हो जाए।
➲ अब इस मिश्रण को दिन में 3 बार पी सकते हैं।

अथवा 
➲ 1 कप गर्म दूध में 3-4 लहसुन के कलियों को उबालें। इसके बाद लहसुन को चबाकर खा ले। अब बचे हुए दूध को भी पी लें।
➲ प्रतिदिन 15 दिनों के लिए इस प्रक्रिया को दोहराएं, लाभ निश्चित रूप से होगा।

2. संतरा (Orange)
Vitamin A and C संतरे में अधिक मात्रा में पाए जाते हैं और संतरे के रस में Antioxidants होते हैं। Antioxidants से TB के जीवाणु खात्मा किया जा सकता है।

संतरे का उपयोग :
➲ १ कप संतरे का रस निकालें।
➲ अब उसमें थोड़ा सा नमक और एक चम्मच शहद मिलाएं।
➲ अब इस मिश्रण को दिन में 2 बार जरूर पीएं।
➲ इस प्रक्रिया को रोजाना 15 दिन तक दोहराएँ, फायदा जरूर होगा।

3. केला (Banana)केले में कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है। केले के नियमित सेवन से हमारे शरीर के कई रोग दूर हो जाते है। साधारण बुखार और कफ की समस्या केले खाने वालो से दूर ही रहती है।

केले का उपयोग :

➲ एक पका हुवा केला ले।
➲ अब उसे १ कटोरी में पीस ले।
➲ अब उस में नारियल का पानी, आधा कप दही, और एक चम्मच शहद मिलाये।
➲ अब इस मिश्रण को दिन में 2 बार पीएं।
➲ इस प्रक्रिया को रोजाना 15 दिन तक दोहराएँ, फायदा जरूर होगा।

4. पुदीना (Mint)

पुदीना हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होता है। पुदीना में Antibacterial properties होते है जिससे हमारे शरीर को कई बीमारियों से छुटकारा मिलता हैं।

पुदीना का उपयोग :

➲ गाजर के जूस निकाले।
➲ अब उसमे में पुदीने का रस, एक चम्मच शहद और 2 चम्‍मच शुद्ध सिरका मिलाये।
➲ अब इस मिश्रण को दिन में 2 बार पीएं, TB की समस्या से छुटकारा मिल सकता है।

पुदीने का सेवन करने से फेफड़े ठीक रहते है और साथ ही TB की बीमारी से राहत पाने के लिए कारगर उपाय है यह पुदीना।

5. काली मिर्च (Black pepper)
काली मिर्च TB के मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद है। काली मिर्च फेफड़ों को साफ रखती है और टीबी के कारण सीने में होनेवाले दर्द से मुक्ति दिलाती है।
काली मिर्च का उपयोग :
➲ 1 कटोरी में थोड़ा घी ले।
➲ अब उसमे १० काली मिर्च के दाने डाले।
➲ अब उन्हें हल्की आंच पर फ्राई करे।
➲ अब उसमे १ चुटकी हींग पाउडर डालें और मिक्स करे।
➲ अब उस मिश्रण को ठंडा होने दे।
➲ अब उस मिश्रण को 3 भागों में विभाजित करें।
➲ अब दिन में 3 बार इस मिश्रण का सेवन करे।
➲ प्रतिदिन 15 दिनों के लिए इस प्रक्रिया को दोहराएं, लाभ निश्चित रूप से होगा।

दोस्तों, TB यह एक जानलेवा बीमारी है। इस बीमारी का इलाज अगर जल्दी न हो तो मनुष्य की मृत्यु भी हो सकती है। लेकिन एक बात का ध्यान रखना आवश्यक है कि टी.बी. का इलाज आधा करके नहीं छोड़ना चाहिए

यदि उपरोक्त उपायों से टीबी रोग ठीक ना हो तो जल्द से जल्द किसी अच्छे डॉक्टर की सलाह ले। टी.बी का इलाज जितना जल्दी हो सके उतना जल्दी करें, क्योकि यह साधारण बीमारी नहीं है।

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 Note : इस वेबसाइट के सभी लेख लोगों के अनुभवों के आधार पर तथा आयुर्वेद के उपायों का परीक्षण किए गए प्रयोगों के आधार पर तैयार किए गए हैं। कृपया कोई भी उपाय प्रयोग करने से पहले किसी अच्छे आयुर्वेदिक चिकित्सक से सलाह अवश्य लें।

 

 

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