दमा – अस्थमा का असरदार घरेलू इलाज | Effective home remedies for asthma

आज हम इस लेख में एक महत्वपूर्ण Health Tips के बारे में जानने वाले है। आज का टॉपिक है दमा – अस्थमा की बीमारी का रामबाण इलाज। देसी तरीके से दमा – अस्थमा की बीमारी से कैसे मुक्ति पाए।

Treatment of asthma
 आजकल दमा – अस्थमा की समस्या अधिक ही दिखाई दे रही है। यह समस्या अधिक उम्र वालो में अधिक दिखाई पड़ती है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है की दमा – अस्थमा की समस्या सिर्फ अधिक उम्र वालों को होती है। आयुर्वेद तथा डॉक्टरों के जानकारी अनुसार यह समस्या किसी भी उम्र के किसी भी पुरुष तथा महिलाओं को हो सकती है। शरीर को पूर्ण मात्रा में हवा ना मिलने कारण तथा मनुष्य के शरीर में आक्सीजन के अपूर्ति के कारण यह रोग उत्पन्न होता है।

दमा – अस्थमा एक गंभीर बीमारी है, इस बीमारी की गिनती श्वसन तंत्र के सर्वाधिक घातक रोगों में की जाती है। जब यह बीमारी किसी व्यक्ति को जकड लेती है तब इस बीमारी से छुटकारा पाना बहुत मुश्किल हो जाता है। दमा – अस्थमा यह एक जानलेवा बीमारी है जिससे मनुष्य की मौत भी हो सकती है। इस बीमारी से पूरी तरह निजात पाना बहुत मुश्किल है लेकिन इस बीमारी पर नियत्रण पाया जा सकता है।

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दमा – अस्थमा का कारण : Cause of asthma

मनुष्य के शरीर में हवा आवागमन पूरी तरह नहीं हो पाता है, सांस लेने में तकलीफ होती होती है, वायु मार्ग के आसपास के मसल्स में कसाव तथा वायु मार्ग में सूजन आ जाती है। जिसके कारण दमा – अस्थमा का अटैक आता है। दमा – अस्थमा का अटैक आने के बहुत सारे कारण है जिनकी सूचि निम्न लिखित है।

➛ दूषित हवा के कारण, वायु प्रदुषण के कारण
➛ घर में धूल भरा तथा दूषित वातावरण होने के कारण
➛ अधिक ध्रूमपान करने के कारण
➛ मोटापा तथा एलर्जी के कारण
➛ अधिक मात्रा में शराब पीने के कारण
➛ सर्दी खांसी के कारण
➛ गलत खानपान के कारण
➛ ठंडी के मौसम में अधिक ठंड के कारण
➛ अधिक दवाइयों के सेवन के कारण
➛ तनाव या भय के कारण
➛ महिलाओं में हार्मोनल बदलाव के कारण
➛ खाने में अधिक नमक के सेवन करने से
➛ वंशानुगत आनुवंशिक बीमारी के कारण

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दमा – अस्थमा के लक्षण : symptoms of asthma

दमा – अस्थमा का आभास होने का मुख्य लक्षण है सांस लेने के तकलीफ होना। यदि हमारे शरीर में श्वासोश्वास की कोई समस्या नहीं है तो हम कभी भी दमा – अस्थमा के शिकार नहीं हो सकते। सांस लेने तथा श्वासोश्वास सबंधी कोई भी तकलीफ है इसका अर्थ यह दमा – अस्थमा के लक्षण है। दमा – अस्थमा का आभास हमें और भी तरीकों से होता है, जो इस प्रकार है –

➛ सांस लेने में तकलीफ होना, थकावट महसूस होना
➛ सीने में जकड़न जैसा महसूस होना, दर्द होना
➛ सांस फूलने लगना
➛ सिर भारी-भारी जैसा लगना, चक्कर आना
➛ शरीर में अधिक थकावट महसूस होना
➛ अधिक बेचैनी तथा घबराहट महसूस करना

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दमा – अस्थमा के देशी इलाज : Indigenous treatment of asthma

➲ दमा – अस्थमा तथा की समस्या को नियंत्रित करने के लिए शहद बहुत ही अहम् उपाय है। दमा – अस्थमा का अटैक आने पर शहद सूंघने से राहत मिलती है। इसके अतिरिक्त दिन में 3 बार 2-2 चम्मच शहद पीने अधिक लाभ होगा। शहद से बलगम की समस्या से भी मुक्ति मिलती है। इस प्रक्रिया को 15 दिन तक अवश्य दोहराये।

करेला बहुत फायदेमंद है दमा – अस्थमा के उपचार के लिए। 1 चम्मच करेले का पेस्ट बनाये, अब उसमे शहद और तुलसी के पत्तों का रस मिलाकर खाएं। यह एलर्जी से राहत पाने का एक असरदार उपाय है। इस प्रक्रिया को 15 दिन तक अवश्य दोहराये।

पेट के विकार तथा एलर्जी को सही करने के लिए मेथी बहुत ही लाभदायक औषधि है। एक ग्लास पानी में 4 चम्मच मेथी के दाने उभाले, जब तक पानी एक तिहाई न हो जाए, फिर उस पानी में अदरक का रस और शहद मिलाये। अब इस मिश्रण को सुबह खाली पेट सेवन करें, इस प्रक्रिया को 15 दिन तक अवश्य दोहराये, अधिक लाभ होगा।
 
अंजीर बहुत ही गुणकारी औषधि है, सूखे अंजीर कफ को जमने से रोकते है। 2 सूखे अंजीर को गर्म पानी में रातभर भिगाये रखे, फिर सुबह खाली पेट दोनों अंजीर खा ले। इससे श्वास नली में जमा बलगम पिघलकर बाहर निकलता है और इससे संक्रमण से भी राहत मिलती है। इस प्रक्रिया को 15 दिन तक अवश्य दोहराये, अधिक लाभ होगा।
 
➲ दमा – अस्थमा से पीड़ित रोगी को अपने खाने पर ध्यान देना बहुत जरुरी है। अपने भोजन में हमेशा हरी सब्जियां, ताजे फल आदि को शामिल करना चाहिए। खाना हमेशा चबा चबाकर खाएं, जितनी भूक हो उतना ही खाना खाए और रोजाना 8-10 लीटर पानी अवश्य पीये।
 
रोजाना व्यायाम – योग जरूर करें, योग के जरिए हर बिमारी को ठिक किया जा सकता है ऐसे रामदेव बाबा भी कहते है। योग के जरिए दमा – अस्थमा को भी ठिक किया जा सकता है। दमा – अस्थमा  से ग्रस्त मनुष्य को रोजाना योगासन और प्राणायाम का अभ्यास जरूर करना चाहिए। इस प्रक्रिया से फेफड़ों और श्वसन प्रक्रिया में सुधार होता है।
 

शहद की तरह अजवाइन भी बहुत ही लाभदायक औषधि है। आधा कप अजवाइन का रस और उसमें उतनी ही मात्रा में पानी मिलाकर सुबह और शाम खाना खाने के बाद पीने से दमा – अस्थमा से धीरे-धीरे छुटकारा मिलने लगता है। दमा – अस्थमा से बचाव के लिए अजवाइन के पानी से भाप लेना अधिक फायदेमंद होता है। इस प्रक्रिया से श्वास-कष्ट दूर हो जाता है।उपरोक्त विषय पर किसी का कोई भी सवाल या सुझाव है तो कृपया कमेंट करके हमें जरूर बताये। “दमा – अस्थमा का घरेलू इलाज” यह लेख पसंद आये तो इस लेख को अपने दोस्तों में तथा सोशल साइट्स पर शेयर करना ना भूले।

 

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 Note : इस वेबसाइट के सभी लेख लोगों के अनुभवों के आधार पर तथा आयुर्वेद के उपायों का परीक्षण किए गए प्रयोगों के आधार पर तैयार किए गए हैं। कृपया कोई भी उपाय प्रयोग करने से पहले किसी अच्छे आयुर्वेदिक चिकित्सक से सलाह अवश्य लें।
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