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AM PM Ka Matlab: “AM और PM” इन 2 शब्दों से आप परिचित तो होंगे ही, क्योंकि यह दोनों शब्द समयकालीन शब्द है. इसलिए इन्हें अंटे मेरिडियम (Ante Meridiem) और पोस्ट मेरिडियम (Post Meridiem) कहा जाता है. आम भाषा में दोपहर से पहले और दोपहर के बाद के समय को “AM और PM” कहा जाता है.

–> Ante Meridiem – दोपहर से पहले, अर्थात दोपहर तक, मध्याह्न तक, प्रात, सुबह का समय, मध्याह्नपूर्व, पूर्वाह्न

–> Post Meridiem – दोपहर के बाद, अर्थात मध्याह्न के बाद, अपराह्न

आइए इसे अच्छी तरह और विस्तारपूर्वक समझते हैं ताकि आप आसानी से और पूरी तरह से समझ सकें कि “AM और PM का मतलब” वास्तव में क्या है. साथ ही AM, PM का Full Form और इनका इतिहास भी जानेंगे.

AM और PM का मतलब क्या होता है
जाने- am pm ka matlab kya hota hai

AM और PM का फुल फॉर्म क्या है – What is the full form of AM and PM in Hindi

  • AM = Ante Meridiem – दोपहर से पहले (रात 12 बजे से दिन के 12 बजे तक)
  • PM = Post Meridiem – दोपहर के बाद (दिन के 12 बजे से रात के 12 बजे तक)

आप तो जानते ही होंगे कि दुनिया में सभी लोग समय के अनुसार काम करते हैं, जिसके लिए घड़ी का इस्तेमाल किया गया है. घड़ी एक ऐसी वस्तु है जो लोगों को समय बताने का काम करती है. जिनमे AM और PM का मुख्य उदेश्य दोपहर तक और दोपहर के बाद तक के समय कि सही जानकारी देना है.

एक दिन 24 घंटे का होता है, जिसमे 12 घंटे रात और 12 घंटे दिन होता है. लेकिन समय प्रारूप (Time format) 12 घंटे का होने के कारण समय को समझने में उलझन पैदा होती है, जिसका हल AM और PM है.

उदहारण के लिए, यदि कोई आपसे कहे कि मेरा जन्म 24-12-1990 को 11 बजे हुआ है, तो आप क्या समझेंगे. उसका जन्म दिन में 11 बजे हुआ है रात में 11 बजे हुआ है. उसी उलझन का हल है AM और PM. एएम और पीएम से समय की सटीक जानकारी प्राप्त की जा सकती है, समय की सटीकता दर्शाने के लिए ही AM और PM इन 2 शब्दों का निर्धारण किया गया है.

AM PM
9 AM – दिन में 9 बजे 9 PM – रात में 9 बजे
11 AM – दिन में 11 बजे 11 PM – रात में 11 बजे
1 AM – रात में 1 बजे 1 PM – दिन में 1 बजे
3 AM – रात में 3 बजे 3 PM – दिन में 3 बजे

AM और PM का मतलब क्या होता है – AM PM Ka Matlab in Hindi

यहां पर हमने बताया कि AM और PM का Full Form क्या है? जिसमे AM का फुल फॉर्म Ante Meridiem बताया और PM का फुल फॉर्म Post Meridiem बताया. यह दोनों शब्द अंग्रेजी के लगते जरुर है, लेकिन यह लैटिन शब्द है. जिसमे Ante Meridiem का अंग्रेजी मतलब Before noon और Post Meridiem का अंग्रेजी मतलब After noon होता है.

  • Ante Meridiem = Before noon = दोपहर से पहले या पूर्वाह्न
  • Post Meridiem = After noon = दोपहर के बाद या अपराह्न

AM और PM का इतिहास – History of AM and PM in Hindi

पहले के जमाने में लोगों को सही समय का पता लगाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था, क्योंकि उस जमाने में सही समय का पता लगाने के लिए कोई बेहतर माध्यम नहीं था.

उस जमाने में लोगों द्वारा समय को दो भागों में बांटा गया था, पहला दिन और दूसरी रात. उस समय लोग दिन और रात के समय का पता लगाने के लिए सूरज के साथ-साथ चाँद, सितारों का भी इस्तेमाल करते थे, क्योंकि उस समय घड़ी का अविष्कार होने को था.

दोपहर के समय का पता लगाने के लिए सूरज की दिशा का उपयोग किया जाता था, जिसके आधार पर दिन के समय का अनुमान लगाया जाता था. जबकि शाम और रात का समय पता लगाने के लिए चांद-तारों का इस्तेमाल किया जाता था, जिसके आधार पर रात के समय का अनुमान लगाया जाता था.

लेकिन आज तकनीक के कारण काफी कुछ बदल गया है. अब आप घड़ी देखकर सही समय का पता लगा सकते है और AM-PM के बीच के अंतर को समझ सकते है. इतना ही नहीं, आज हर घर में मोबाइल फोन आ गए हैं, आप मोबाइल फोन पर भी AM-PM के साथ सही समय देख सकते हैं.

आज तकनीक के कारण समय का पता लगाना बहुत आसान हो गया है, आज आप घड़ी, मोबाइल फोन, कंप्यूटर, गूगल, इंटरनेट आदि जैसे कई माध्यमो से AM के PM के साथ समय का पता लगा सकते हैं.

 

किन देशों में AM और PM का उपयोग किया जाता है?

AM और PM का इस्तेमाल आज पूरी दुनिया के ज्यादातर देशों में किया जाता है. यह 24 घंटों को 12-12 घंटो में विभाजित करने की प्रणाली है. प्रारंभ में AM और PM का उपयोग विशेष रूप से उन देशों में किया जाता था जहाँ ब्रिटिश साम्राज्य था, लेकिन आज AM और PM प्रणाली का उपयोग मैक्सिको, मलेशिया, फिलीपींस जैसे कई देशों में भी किया जाता है.

 

घडी का इतिहास – History of the clock

जब घड़ी का आविष्कार नहीं हुआ था, तब लोग सूरज की दिशा देखकर ही समय का अनुमान लगाते थे. लेकिन जब आसमान में बादल छाए रहते थे, उस समय, समय का अंदाजा लगाना मुश्किल था. इसलिए इस समस्या से निपटने के लिए लोगों ने सबसे पहले घड़ी का आविष्कार किया.

घड़ी का आविष्कार पोप सिलेंडर दितीय ने ईस्वी 996 में किया था. लेकिन उसमें मिनट की सुई का अभाव था, फिर बाद में सुई का आविष्कार स्विट्जरलैंड के जस वागी ने वर्ष 1577 में किया था. वर्तमान में हम जो घड़ी हाथ में पहनते है, वैसी पहली घड़ी फ्रांसिस गणितज्ञ और दार्शनिक “व्लेज पास्कल” द्वारा बनाई गई थी.

 

अंतिम शब्द – Last word

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